पर्यावरण दिवस को लेकर मन की बात में क्या बोले पीएम मोदी? जानिए कब है विश्व पर्यावरण दिवस

जून के पांच तारीख को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. ऐसे में जब पीएम मोदी ने 31 मई को मन की बात कार्यक्रम के जरिये देशवासियों को सम्बोधित किया तो वे पर्यावरण का जिक्र करना नहीं भूले। विश्व पर्यावरण दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार का दिवस जैव विविधता को समर्पित है. लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया में पर्यावरण में आए सुधार पर ध्यान जाता है और हमें प्रकृति और जीवजन्तुओं के लिए कुछ करने की प्रेरणा देते हैं. उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि पर्यावरण दिवस पर पेड़ लगाएँ और कुछ ऐसा करें की प्रकृति से जुड़ें। वर्षा के जल संग्रहण की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्षा ऋतु में हम सभी को जल संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए।

विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरे विश्व में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरुकता फैलाना है. हर साल पर्यावरण दिवस थीम प्रकृति के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए अलग-अलग निर्धारित की जाती है. इस बार साल 2020 की थीम है ‘समय और प्रकृति’ (Time for Nature). इसका मतलब है कि इस बार पृथ्वी और मानव विकास पर जीवन का समर्थन करने वाले आवश्यक बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया जाएगा.

विश्व पर्यावरण दिवस पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मनाया गया है. संयुक्त राष्ट्र संघ ने सन 1972 में पर्यावरण में होने वाले प्रदूषण पर स्टॉकहोम (स्वीडन) में दुनियाभर के देशों का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया था. इस सम्मेलन में दुनिया के 119 देशों ने भाग लिया था. सभी ने एक धरती के सिद्धांत को मान्‍यता देते हुए हस्‍ताक्षर किए. इसके बाद 5 जून को सभी देशों में विश्‍व पर्यावरण दिवस मनाया जाने लगा. भारत में 19 नवंबर 1986 से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू हुआ.

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट अभी देश से टला नहीं है। जब मैंने पिछली बार आपसे मन की बात की थी, तब यात्री ट्रेनें बंद थीं, बसें बंद थीं, हवाई सेवा बंद थी। इस बार, बहुत कुछ खुल चुका है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल रही हैं, अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं। तमाम सावधानियों के साथ, हवाई जहाज उड़ने लगे हैं, धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुआ है, यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है, खुल गया है। ऐसे में, हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मुंह पर मास्क लगाना, दो गज की दूरी और हाथ धोते रहने के नियम में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। दुनिया की ओर देखने पर पता चलता है कि कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई अन्य देशों के मुकाबले अधिक मजबूत है। इस संकट के चलते नुकसान हुआ है जिसका हम सभी को दुख है लेकिन जो बचा पाए हैं वह सामूहिक शक्ति के चलते ही संभव हो पाया है।