विश्व स्वास्थ्य दिवस : इन आठ बीमारियों की वजह से होती हैं दुनिया में 44% मौतें! संक्रामक बीमारियों से भी खतरनाक

पूरी दुनिया में ७ अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है. दरअसल विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थपाना 7 अप्रैल 1948 में हुई थी. इसके कुछ साल बाद ही स्थापना दिवस के दिन को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाने लगा.
इसी मौके पर आइये आज जानते हैं दुनिया की उन खतरनाक बीमारियों के बारे में जिनकी वजह से होती हैं 44 प्रतिशत लोगों की मौत!

आज हम जिन  बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं इनमें से ज्यादातर संक्रामक बीमारी नही है. फिर भी अधिक लोगों की मौत होती है.

..इस लिस्ट में सबसे पहले नम्बर पर है दिल की बीमारी!

दिल से जुड़ी बीमारी :
दिल से जुडी बीमारियों के कारण पूरी दुनिया में लगभग 16 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है. इस बीमारी की मुख्य वजह हाई ब्लड प्रेशर. डायबिटीज, स्मोकिंग या फिर मोटापा को मुख्य तौर पर माना जाता है. साल 2019 में कुल 89 लाख लोगों की मौत दिल से जुड़ी बीमारी के कारण हो गया था. वहीँ साल 2000 में ये आंकडा 60 लाख के करीब था.

इस लिस्ट में दुसरे नंबर है ब्रेन स्ट्रोक :
ब्रेन स्ट्रोक बीमारी होने के मुख्य वजहें हाई ब्लड प्रेशर,स्कोमिंग. ख़राब लाइफस्टाइल और अगर परिवार में किसी को ये बीमारी तो आपके लिए भी ये खतरनाक साबित हो सकता है. ब्रेन स्ट्रोक से दुनियुआ में करीब 11 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है. साल 2019 में कुल 62 लाख लोगों की मौत इस बीमारी के कारण हुई थी और साल 2000 में ये आंकड़ा 55 लाख के कारीब था.

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी :
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज या सीओपीडी बीमारियों का एक समूह है जिसमें रोगी को सांस लेने में मुश्किल होती है। इसमें मरीज को लगातार खांसी आती है जैसे किसी धूम्रपान करने वाले को होती है। इस बीमारी से ६ प्रतिशत लोगों की मौत होती है. इस बीमारी की मुख्या वजहें केमिकल मिश्रित धुंआ, स्मोकिंग, सांस संबधित बीमारी है. इस बीमारी के कारण साल 2019 में 32 लाख लोगों की मौत हुई थी इसके साथ ही 2000 में 30 लाख लोगों की मौत हुई थी.

लोअर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन :
इस बीमारी से 5 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती  है.. ये बीमारी फ़्लू/इंफ्लुएंजा. कमजोर इम्यून सिस्टम. अस्थमा या फिर एचआईवी पीड़ित लोगों में अधिकतर होती है.. इस बीमारी से साल 2019 में कुल 32 लाख लोगों की मौत हो गयी थी और साल 2000 में कुल 30 लाख लोगों की मौत हो गयी थी.

नवजात बच्चों से जुडी बीमारियाँ :
नवजात बच्चों से जुडी बीमारियों के कारण हर साल 5 प्रतिशत बच्चों की मौत हो जाती है. इसके मुख्य कारण समय से पहले जन्म. न्युमोनिया, डायरिया, कम वजन जैसी वजहें शामिल है. साल 2019 में 20 लाख बच्चों की इसी तरह की बीमारियों के कारण मौत हो गयी थी और साल 2000 में 32 लाख बच्चों की मौत हुई थी.

लंग कैंसर :
लंग कैंसर की वजह से हर साल ३ प्रतिशत लोगों की मौत होती है. साल 2019 में १८ लाख लोगों की मौत लंग कैंसर की वजह से हुई थी.. साल 2000 में ये आंकड़ा करीब १२ लाख था. लंग कैसर की मुख्य वजहें स्मोकिंग, धुंआ, तम्बाकू के सेवनऔर  प्रदुषण है.

अल्जाइमर और डिमेंशिया :
इस बीमारी से करीब २.8 प्रतिशत लोगों की मौत होती है.. साल 2019 में कुल 16 लाख लोगों की मौत हुई थी और ये आंकड़ा साल 2000 में करीब ६ लाख था इस बीमारी की मुख्य वजहें फेमिली हिस्ट्री, ख़राब लाइफ स्टाइल, लम्बे समय तक समाज से दूरी है ये बीमारी खास तौर पर ६५ से ज्यादा उम्र के लोगों में पायी जाती है.

डायबिटीज :
डायबिटीज आज के समय में  साधारण होती जा रही है. इस बीमारी से प्रतिवर्ष २.४ लोगों की मौत होती है. साल 2019 में कुल 15 लाख लोगों की मौत हुई थी और डायबिटीज के कारण साल 2000 में ९ लाख लोगों की मौत हुई थी. इसके मुख्य वजहें जंक फ़ूड का सेवन, ज्यादा प्रोटीन, ख़राब लाइफ स्टाइल या फिर मोटापा है. .

किडनी की बीमारी :
शराब का सेवन, ज्यादा नमक और सोडा, पेनकिलर और ख़राब लाइफ स्टाइल की वजह से किडनी की बीमारी होती है. इस बीमारी की वजह २.४ लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार माना जाता है.. 2019 में कुल 13 लाख लोगों की मौत हुई थी और 2000 में कुल 8 लाख की मौत  हुई थी.

ये आंकड़े भास्कर.कॉम से लिए गये है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि इन बीमारियों में बहुत कम बीमारी हैं जो संक्रामक है.. फिर दुनिया में होने वाली मौत में करीब 44 फीसद लोगों की मौत इन्हीं बीमारियों से होती हैं.