World Meteorological Day 2021: महासागरों में बढ़ता प्रदूषण, मानव जीवन को नुकसान!

आज हम दुनिया के अलग अलग हिस्सों में बिना तय वक्त गर्मी, सर्दी और बारिश की खबरें सुनते और देखते रहते हैं. लेकिन एक अच्छी बात ये होती है कि कुछ दिन पहले या कुछ देर पहले की इसकी जानकारी हमे मौसम विभाग की ओर से मिल जाती है,जिससे फसलों के साथ-साथ आम जनता तक को भी इससे बहुत फायदा मिलता है. हर साल 23 मार्च को पूरी दुनिया में विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने के पीछे मुख्य कारण है कि लोगों को मौसम विज्ञान और इसमें हो रहे बदलावों के प्रति जागरूक किया जा सके. मौसम विज्ञान दिवस मनाने में विश्व मौसम संगठन का अहम योगदान होता है. इस दिन संगठन द्वारा ही प्रत्येक साल मौसम विज्ञान से जुड़ा एक नया विषय लाया जाता है, जिसपर पूरे साल काम होता है. इस साल विश्व मौसम विज्ञान संगठन का विषय ‘महासागर, जलवायु और मौसम’ रखा गया है. इस बार के विषय के मुताबिक महासागरों का संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण है.

क्योंकि पर्यावरण से जुड़ी एक संस्था के आकलन के मुताबिक, अकेले प्रशांत महासागर में फ्रांस के आकार के बराबर कचरा जमा हो गया है. इतना ही नहीं महासागरों में बढ़ते प्रदूषण के कारण समुद्र की सतह का रंग भी प्रभावित हो रहा है..ये स्थिति की भयावहता को दर्शाने के लिए काफी है..कि महासागरों के साथ मानवीय छेड़छाड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई है. महासागरों के इस बदले हुए मिजाज के कारण मौसम और ऋतुओं का चक्र भी बदल रहा है, जिससे मानव जीवन पर भी असर पड़ रहा हैं. इसी को देखते हुए इस बार विस्व मौसम विज्ञान दिवस का थीम महासागर,जलवायु और मौसम रखा गया है.

बता दें कि आज से 71 साल पहले साल 1950 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन की स्थापना की गई थी. विश्व मौसम विज्ञान संगठन का मुख्यालय जिनेवा, स्विटजरलैंड में है. संस्था के अस्तित्व और स्थापना के जश्न को मनाने के लिए प्रतिवर्ष 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया जाने लगा. ये संगठन पृथ्वी के वायुमंडल की परिस्थिति और व्यवहार, महासागरों के साथ इसके संबंध और मौसम की जानकारी देता है.

Nature Walk: Altocumulus Clouds - Iowa Natural Heritage Foundation

कई देश विश्व मौसम विज्ञान संगठन के सदस्य हैं जो विश्व मौसम विज्ञान दिवस को विशेष रूप से मनाते हैं. इसके लिए कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. जिसमें मौसम के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाई जाती है.

फिलहाल दुनियाभर में 191 देश विश्व मौसम विज्ञान संगठन के सदस्य हैं. विश्व मौसम विज्ञान संगठन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी भी प्राकृतिक आपदा की जानकारी पहले देना है. जिसमें बाढ़, भूकंप से लेकर वायुमंडल में हो  रहे बदलाव के बारे में जानकारी दी जाती है. ऐसे में आज का दिन सबके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि दुनियाभर के मौसम में हो रहे बदलाव और आने वाले समय में मौसम के बदलते स्वरूप से होने वाले नुकसान से बचने के लिए मौसम विभाग हमें पहले ही सचेंत कर देता है.