सोनभद्र : सोने की खुदाई से दुर्लभ प्रजाति के साँपों का अस्तित्व खतरे में?

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला सोनभद्र जहां मिला है सोने का भंडार॥ सोनभद्र देश के चार राज्यों से सटा हुआ है ये चार राज्य हैं  मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार॥ जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में धरती के गर्भ में तकरीबन 3000 टन सोने की मौजूदगी का पता लगाया है. यह देश के मौजूदा कुल स्वर्ण रिजर्व के तकरीबन 5 गुना के बराबर बताया जा रहा है. जीएसआई ने वर्ष 1992-93 से ही सोनभद्र में सोना ढूंढने का काम शुरू किया था. अब इन ब्लॉकों की नीलामी का काम ईटेंडरिंग के जरिए जल्द शुरू किया जाएगा. यह सोना भारत के कुल स्वर्ण कोष का लगभग 5 गुना बताया जा रहा है. जिसकी कीमत तकरीबन 12 लाख करोड़ रुपये होगी.

लेकिन अब हम जो आफ्नो बताने जा रहे हैं वो जानकारी आपको दुविधा में डाल देगी॥

दरअसल सोनभद्र में जिस पहाड़ी पर सोने के भंडार का पता चला है उसी के पास दुनिया के सबसे जहरीले सांपों का बसेरा है, विंध्य पर्वत शृंखलाओं के बीच स्थित सोनभद्र की पहाड़ियों में विश्व के सबसे जहरीले सांपों की प्रजातियों में से तीन प्रजाति रसेल वाइपर, कोबरा व करैत का डेरा है। यही नही, विश्व के सबसे जहरीले सांपों में जाने जाने वाले रसेल वाइपर की प्रजाति उत्तर प्रदेश के एकमात्र सोनभद्र जिले में ही पाई जाती है। अब अगर यहाँ सोने की खदान की गयी तो यहाँ पर रहने वाले दुर्लभ प्रजाति के साँपों पर खतरा मंडराएगा॥वन्य जीवों से जुड़े संजीव कुमार के मुताबिक दुर्लभ प्राजति के सांपों के अस्तित्व को देखते हुए आस्टे्रलियां में भी कोयले की खदान खनन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। माना गया कि यदि खनन पर रोक नहीं लगाई तो यहां मौजूद दुर्लभ प्रजति के सापों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

अब खुदाई के लिए अनुमति केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को लेना है। सोने वाली जगह पर दुर्लभ सापों की प्रजाति के होने सवाल ये है अब क्या होगा दुल्भ प्रजाति के सापों का? निकाला जाएगा सोना या फिर बचाए जाएंगे साँप॥ निर्णय अभी बाकी है।