World sleep day 2021: दुनिया में 10 करोड़ लोग नहीं सो पाते, पढ़िए ये चौकांने वाली रिपोर्ट

शायद आप ये सुन कर चौंक जाएंगे की खाना खाए बिना आप 2 महीने तक जिंदा रह सकते हैं, लेकिन बिना नींद के मात्र 11 दिन ही. इसलिए ऐसा अनुमान है कि हम अपनी 33% जिंदगी केवल सोने में निकालते हैं. बावजूद इसके आज-कल की भाग दौड़  वाली जिंदगी में सोने को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है वो हमें सतर्क भी कर रही है और चिंता में भी डाल रही है. एक स्टडी के मुताबिक, दुनियाभर में 10 करोड़ लोग ‘स्लीप एप्निआ’ यानी अच्छी नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं. ये पता होने के बाद भी कि इंसान को स्वस्थ और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए बहुत जरूरी है कि वो 24 घंटे में 6-8 घंटे की अच्छी नींद ले. फिर भी विश्व में 10 करोड़ लोगों को अच्छी नींद न आने की समस्या हैं. खास बात ये है कि इनमें से 80 फीसदी से ज्यादा लोगों को तो इस बीमारी के बारे में कुछ पता ही नहीं है यानी वो स्लीप एप्निआ से अनजान हैं और इनमें से 30 प्रतिशत लोग ऐसे है जो नींद लेते भी हैं तो उसे नियमित रूप से बनाए नहीं रखते हैं.

World Sleep Day 2020: World Sleep Day 2020: वर्ल्ड स्लीप डे पर जानें सोने  के फायदे और फैक्ट्स - world sleep day 2020 today know benefits and facts  about sleep | Navbharat Times

Health Technology Company Philips India Limited ने नींद को लेकर एक सर्वें किया.कंपनी ने इस सर्वे के तहत जब भारत,अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, फ्रांस, चीन, ऑस्टेलिया, कोलंबिया, अर्जेटीना, मेक्सिको, ब्राजील और जापान जैसे 13 देशों में 15,000 से अधिक वयस्कों  यानी एडल्ट से नींद के बारे में पूछा, तो इस दौरान रोचक तथ्य सामने आए.

इस सर्वेक्षण में 67 फीसदी लोगों ने अच्छी नींद की जरूरत महसूस की, लेकिन ये उनकी प्राथमिकता में शामिल नहीं था. सर्वे के दौरान 61 प्रतिशत लोगों ने कहा था कि किसी बीमारी के इलाज के दौरान उनकी नींद पर असर पड़ता है. इनमें से 26 प्रतिशत लोग अनिंद्रा से और 21 प्रतिशत खर्राटों की वजह से पीड़ित हैं. 58 प्रतिशत लोग मानते हैं कि चिंता उनके लिए नींद नहीं आने का कारण है और 26 प्रतिशत लोग मानते हैं कि टैक्नॉलजी का विस्तार अच्छी नींद ना आने के पीछे सबसे बड़ी समस्या है.

वही भारत की बात करें तो यहां 66 प्रतिशत लोग मानते हैं कि तंदुरुस्ती के लिए नींद से ज्यादा एक्सरसाइज करना जरूरी है, जबकि डॉक्टरों का मानना है कि रोजाना 6 से लेकर 8 घंटे की नींद लेना सबसे ज्यादा जरूरी है. भारतीय लोगों में से 45 प्रतिशत वयस्कों ने बताया कि उन्होंने अच्छी नींद के लिए ध्यान केंदित करने की कोशिश की, जबकि 24 प्रतिशत वयस्कों ने अच्छी नींद लेने और उसे बनाए रखने के लिए अपने लिए विशेष बिस्तर लगाया.इसके बाद भी लोगों में अच्छी नींद की समस्या बनी हुई है जो बहुत ही चौकांने वाली है .भारत में 19 प्रतिशत वयस्कों ने कहा कि सामान्य नींद के समय के साथ वर्किंग आवर्स का बढ़ जाना नींद में एक बड़ी समस्या है..दुनियाभर में 77 प्रतिशत वयस्कों ने अपनी नींद में सुधार लाने की कोशिश की है और इसके लिए उन्होंने गाने सुन कर सोने की कोशिश की.

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इस सर्वें में जब नींद की समस्या को लेकर युवाओं(18 से 24 वर्ष आयु वर्ग) से पूछा गया तो चौंकाने वाली बातें सामने आई. इन युवाओं के पास सोने का समय तय होने की संभावना कम है, फिर भी वे हर रोज अधिक नींद लेते हैं, वो लगभग 7.2 घंटे सोते हैं. इनके मुकाबले 25 साल से अधिक के लोग 6.9 घंटे ही सो पाते हैं.

भारत में किए गए एक अन्य शोध के मुताबिक, रोज सुबह उठने के लिए लगभग 40 फीसदी लोग अलार्म का सहारा लेते हैं. मुंबई में सर्वाधिक 50 फीसदी लोग अलार्म का इस्तेमाल करते हैं. बेंगलुरू में लोग सबसे पहले (रात 10 से 11 बजे) से ही सोने लगते हैं, वहीं मुंबई में मध्यरात्रि के बाद सोने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है.बेंगलुरू ने नींद के मामले में भी खुद को दिल्ली और मुंबई से बेहतर साबित किया है. इसके लिए बेंगलुरू में ध्वनि प्रदूषण का कम स्तर भी मुख्य रूप से जिम्मेदार है.

एक अन्य शोध के मुताबिक, देश में हर 5 में से 1 को नींद की समस्या है और ऐसे मामलों में लगभग 20.3 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों से नींद की गोलियां लिखने को कहते हैं. रिसर्च में पता चला है कि कई रोगियों को नींद न आने की शिकायत रहती है, जिसके लिए उनका अत्यधिक व्यस्त कार्यक्रम, रात के समय काम करना और उच्च मानसिक तनाव एक कारण है.

अच्छी और पर्याप्त नींद न मिलने की वजह से डायबिटिज यानी शुगर, ब्रेस्ट कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा लगातार एक हफ्ते से पूरी नींद न लेने की वजह से आपका वजन 900 ग्राम तक बढ़ सकता है. इसका बुरा असर त्वचा, मानसिक स्थिति, शरीर में दर्द, थकान और मानसिक तनाव पर भी पड़ता है….आज 19 मार्च को दुनियाभर में वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जा रहा है. इसको मनाये जाने के पीछे उद्देश्य स्वस्थ रहने के लिए अच्छी नींद के महत्व को समझाना है ऐसे में ये दिन हमारे दैनिक दिनचर्या के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से को सेलिब्रेट करने का है. ऐसे में हमें भी जरूरत है अच्छे नींद लेकर….अपने स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने की…क्योंकि ‘Shorter Sleep, Shorter Life.’….