लॉकडाउन से यमुना नदी का पानी हुआ साफ, हेवी मेटल की मात्रा भी हुई कम

यमुना नदी के पानी का जब भी जिक्र होता है तो बस एक ही तस्वीर सामने आती है और वो है सफेद झाग वाला काला पानी. प्रदूषण की वजह से यमुना का पानी इतना काला दिखता है कि इसकी तस्वीर देख हैरानी होती है. यहां आपको बता दें कि यमुना नदी कुल 1370 किलोमीटर यमुनोत्री से इलाहबाद तक बहती है. जिनमें से 54 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में पड़ता है. लेकिन यमुना के कुल प्रदूषण का 76 फीसदी इसी हिस्से से होता है. ऐसे में दिल्ली के यमुना नदी की जो तस्वीरें सामने आती है वो हैरान करने वाली होती है.

लेकिन कोरोना वायरस से हुए लॉकडाउन ने ये तस्वीरे बदल कर रख दी है. दिल्ली में यमुना का पानी साफ दिखने लगा है. यही नहीं यमुना नदी के पानी में हैवी मेटल की मात्रा भी काफी कम हुई है.
lockdown yamuna photos: कोरोना लॉकडाउन का असर ...

टेरी(The Energy and Resources Institute) ने मई 2020 के दौरान राजधानी दिल्ली में 5 जगहों पर यमुना के पानी की जांच कर एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना नदी में 2012 की पिछली अध्ययन की तुलना में हैवी मेटल की मात्रा कम हुई है.  टेरी ने ओखला बैराज, निजामुद्दीन, आटीओ, निगमबोध घाट और वजीरबाद बैराज से सैंपल लिए थे. इन सैंपल्स की जांच इंडक्टिव कपल्ड प्लास्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री (ICP-एमएस) तकनीक से की गई. इस तकनीक से पानी में मेटल की मात्रा का पता लगाया जाता है.टेरी की 2012 की जांच में केडमियम को छोड़कर अन्य सभी हेवी मेटल की मात्रा अधिक मिली थी. 2017 की रिपोर्ट में भी हेवी मेटल की मात्रा अधिक पाई गई थी. लेकिन इस बार हेवी मेटलों की मात्रा कम है. टेरी के अनुसार, ये सीधे तौर पर लॉकडाउन का असर ही है. इस दौरान हैवी मेटल के मुख्य सोर्स इंडस्ट्रियल एक्टिविटी बंद रही. इसके कारण यमुना में घुलने वाला औद्योगिक कचरा भी पैदा नहीं हुआ. जिससे इस बार हेवी मेटल की मात्रा कम हो गई है और यमुना का पानी बहुत हद तक साफ हो गया है. इस रिपोर्ट के आधार पर टेरी ने यमुना की स्थिति ऐसी ही बनी रहे इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं.

ये सुझाव दिए हैं टेरी ने

दिल्ली में इफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट का समय-समय पर ऑडिट होना चाहिए

इंडस्ट्री का पानी जहां-जहां यमुना में मिल रहा है, वहां नेचुरल ट्रीटमेंट सिस्टम लगाए जाएं

ऐसे जंगली पेड़, जो हैवी मेटल को सोख कर पानी में उसकी मात्रा कम करते हैं,उन पेड़ों को लगाए जाएं

कोरोना काल के समय में यमुना नदी का पानी साफ और स्वच्छ होना एक बड़ी खुशखबरी है.