Year 2020: वो 5 राजनेता जो साल 2020 में उभर कर आए सामने

कोरोना महामारी के बीच ये साल यानी साल 2020 गुजरा और अब इस साल के चंद दिन ही बचें है. ऐसे में हम आपको इस वीडियो में बताने जा रहे है इस साल के उन भारतीय राजनेताओं के बारें में जो साल 2020 में और उभर कर सामने आए.

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जेपी नड्डा

इस फेहरिस्त में सबसे पहला नाम आता है जेपी नड्डा का. साल 2020 की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी की कमान जेपी नड्डा के हाथों में आ गई. वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा को जनवरी 2020 में बीजेपी का अध्यक्ष चुना गया. इसके बाद बीजेपी के स्थापना दिवस 6 अप्रैल 2020 को नड्डा की अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी हुई. जेपी नड्डा के नेतृत्व में बीजेपी ने भले ही दिल्ली चुनाव में हार का सामना किया हो, लेकिन बिहार चुनाव के शानदार प्रदर्शन ने उनके सियासी कद को और ऊंचाई दी है.

 

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असदुद्दीन ओवैसी

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी आए दिन अपने तीखे बयानों के कारण सुर्खियों में रहते है. लेकिन साल 2020 असदुद्दीन ओवैसी के राजनीतिक सफर में सबसे कामयाब सालों में से एक रहा. ओवैसी की पार्टी ने बिहार चुनाव में मुस्लिम बहुल सीमांचल की 5 विधानसभा सीटें जीतकर सबको हैरान कर दिया. इसके चलते AIMIM मुसलमानों की अखिल भारतीय स्तर की पार्टी बन कर उभर रही है और इसके प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समुदाय के सबसे बड़े नेता के रूप में सामने आ रहे हैं. इतना ही नहीं हैदराबाद के निकाय चुनाव में बीजेपी की जबरदस्त प्रर्दशन के बाद भी ओवैसी अपनी सीटें बचाने में सफल रहे.

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तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव की राजनीति साल 2020 में उभर कर सामने आई.आलम ये रहा कि तेजस्वी यादव का सियासी दम बिहार ने ही नहीं बल्कि देश भर ने देखा. लोकसभा चुनाव 2019 में करारी हार के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवालिया निशान लग रहे थे. लेकिन बिहार के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने धुआंधार चुनाव रैलियां और प्रचार किया और चुनाव का एजेंडा ऐसा तय किया कि पूरा माहौल बदल कर रख दिया. तेजस्वी यादव अकेले महागठबंधन की ओर से चुनाव की कमान संभाले रहे थे. उन्होंने एक-एक दिन में 15 से 16 रैलियों को संबोधित किया, जिसका नतीजा रहा कि आरजेडी 75 सीटों के साथ बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. करीब दस सीटें आरजेडी मामूली वोटों से हार गई.

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सचिन पायलट

इस साल सचिन पायलट बगावत का झंडा लहराने वाले राजनेता बने. सचिन पायलट ने जब अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार के खिलाफ बगावत किया तो कांग्रेस में सनसनी मच गई. कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के समर्थन में खुलकर खड़े थे. जिसके चलते गहलोत सरकार पर सियासी संकट छाया रहा. हालांकि, बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप के बाद कहीं जाकर सचिन पायलट ने बगावत छोड़ दी. पायलट अपनी शर्तों के साथ कांग्रेस में वापस लौटे.

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अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल भी उन नेताओं में शामिल हुए जिन्होनें साल 2020 में अपनी सियासी छाप छोड़ी.  दिल्ली समेत देश भर में नागरिकता कानून के विरोध में जनवरी 2020 में विरोध प्रदर्शन चल रहा था. इसी मुद्दे पर सियासी दाव-पेंच के बीच दिल्ली में फरवरी 2020 में विधानसभा चुनाव हुए. बीजेपी ने चुनाव में जीत के लिए हर संभव कोशिश की. लेकिन अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 62 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया. ये चुनाव केजरीवाल की सियासत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था, जिसे जीतकर उन्होंने कामयाबी हासिल कर ली.

-ये रहे वो राजनेता जो साल 2020 में अपनी सियासी छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं.