सालों पहले नदी में समा गया था भूतिया गांव, अब कहर बरपाने आया झील से बाहर

पूरी दुनिया हजारों करोड़ों रहस्यों से भरी पड़ी है. जिनके बारे में आज तक इंसान पूरी तरह से पता नहीं लगा पाया. कुछ ऐसे रहस्य भी हैं जो आए दिन सामने आते रहते हैं. आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे लोग भूतिया गांव के नाम से जानते है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये गांव करीब तीन दशक पहले नदी में समा गया था लेकिन अब ये एक बार फिर से एक झील के बीच में अचानक से उभर आया जिसे देखकर लोग हैरान रह गए.

हॉलीवुड मूवी में नहीं, असल में हुआ ऐसा, झील के भीतर से निकला गांव! - 30  years ago ghost village was submerged in water suddenly reappears Aceredo  photos viral tstf - AajTak

दरअसल, हम बात कर रहे हैं स्पेन के एक गांव की. जिसका नाम है एसेरेडो. जैसा की सबने सुना ही है कि दुनिया में कई ऐसे शहर और गांव थे जो नदी या समुद्र में आए भयंकर उभान की वजह से पानी में समा गए. ऐसा ही हुआ था इस गांव के साथ भी. बताया जाता है कि स्पेन में साल 1930 में भयनक बाढ़ आई थी जिसमें यह गांव पूरी तरह से डूब गया था. अब जब इस झील का पानी कम होता है, तो ये गांव दिखाई देने लगता है. तो चलिए आपको बताते है इसके बारे में सारी जानकारी…

एसेरेडो गांव स्पेन के लोबोइस में स्थित है. 1992 में यहां के लोगों को दूसरे स्थान पर जबरन भेज दिया था, क्योंकि यहां पर जलाशय के लिए रास्ते का निर्माण किया जाना था.  यह गांव पुर्तगाल के जलविद्युत संयंत्र के डूब क्षेत्र में स्थित था. एक दिन जलाशय से पानी छोड़ दिया गया जिसकी वजह से लिमिया नदी का अचानक पानी बढ़ गया. इस बाढ़ की चपेट में आने से लिंडोसो  जलाशय के मुहाने पर स्थित एसेरेडो गांव भी डूब गया. प्रशासन ने गांव के लोगों से दूसरे स्थान पर जाने के लिए कहा, लेकिन जब लोग नहीं माने, तो जबरन गांव को खाली करा दिया गया. यह गांव झील के अंदर छिपा है. जब लिंडोसो जलाशय का पानी कम हो जाता है, तो यह गांव नजर आता है.

स्पेन में 30 साल पहले पानी में डूबा एक गांव फिर सामने आया है | विदेश समाचार

एसेरेडो गांव के झील से बाहर आने के बाद यहां स्थित घर जर्जर दिखाई देते हैं। ज्यादा समय तक झील में डूबे रहने की वजह से लोग इस गांव को भूतिया भी कहते हैं. जब एक बार झील में फिर पानी कम हआ है, तो एसेरेडो गांव दिखाई दिया है. झील में पानी कम होने की वजह से यह गांव बाहर आ गया है, तो पलायन करने वाले लोग आ रहे हैं. लोगों का कहना है कि वह अपने अतीत को सहेजकर रखना चाहते हैं. जलाशय का पानी बढ़ने के बाद फिर से ये गांव डूब जाएगा.