फिर शुरू होगा भीषण गर्मी और लू का दौर, 28 अप्रैल से एक मई के बीच यलो अलर्ट जारी

मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच दिल्ली-एनसीआर में दो दिन की राहत के बाद एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू होने जा रहा है। बुधवार से एक बार फिर से आमजन को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ो से जूझना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बुधवार से हवाओं की दिशा फिर से पश्चिमी हो जाएगी। मौसम विभाग ने पूर्वनुमान जारी कर 27 और 28 अप्रैल को भीषण गर्मी के साथ लू और हीटवेव चलने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार, इन दो दिनों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। बलूचिस्तान व थार मरुस्थल की गर्म पश्चिमी हवाओं का प्रभाव हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली और विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ पर पड़ेगा। इस वजह से भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के तीखे तेवरों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि बीच-बीच में आंधी या अंधड़ चलने की संभावना बन रही है।

पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्‍मीद 

इस गर्मी से राहत दिलाने में मौसम विभाग की उम्‍मीदें पश्चिमी विक्षोभ पर टिकी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में महीने के अंत तक दो पश्चिमी विक्षोभ देखने की उम्मीद है। अगर ये पूरी तरह से एक्टिव होते हैं, तो इनका असर दिल्‍ली तक देखने को मिलेगा। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। नहीं तो अब पूरे सप्‍ताह तक तापमान में लगातार बढ़ोत्‍तरी होगी। विभाग के अनुसार, मंगलवार को राजधानी का पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है, वहीं वीरवार को यह 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगा। इसके साथ ही लोगों को झुलसा देनी वाली लू और हीटवेव का सामना करना पड़ेगा।

येलो अलर्ट जारी

भारतीय मौसम विभाग  ने संपूर्ण इलाके पर येलो अलर्ट जारी कर दिया है। सप्ताह के अंत तक हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 45.0 से 47.0 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। सोमवार को कमजोर मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ का असर हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में भी अधिकतर स्थानों पर दिखाई दिया।

इस वजह से संपूर्ण हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के अधिकतर स्थानों पर आंधी, अंधड़ के साथ हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलीं। आंधी व अंधड़ से प्रदेश में अनेक स्थानों पर पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी हुईं।

जानें, कहां एक्टिव हो रहा पश्चिमी विक्षोभ

आईएमडी के अनुसार, इस समय भूमध्यसागरीय क्षेत्र में एक ऐसे पश्चिमी विक्षोभ के पैदा होने का प्रभाव दिख रहा है, को भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भागों में अचानक बारिश लाता है। विभाग के अनुसार, यह विक्षोभ पछुआ हवाओं द्वारा संचालित होता है। अगर यह दिल्ली की ओर बढ़ता है और बादल छाए रहते हैं, तो पारा गिर सकता है। हालांकि, अगर यह एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हुआ तो राजधानी के मौसम पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।